Monday, 28 March 2016

पूछे जो कोई बादल से चाँद कैसे निकलता है,
तो बस तेरे मुखड़े से ज़ुल्फ़ें हटाने की देर है,
कोई पूछे जो बिजली कैसे गिरती है, तो बस, तेरा मुझे देख के मुस्कुराने की देर है.
जो नहीं जानते की खूबसूरती की दौलत क्या है, उन्हें तुझसे मिलवा दो,
क्योंकि जानेमन, तेरी हंसी तो हर ख़ज़ाने की कुबेर है.

तुझे सोच सोच के मेरे दिल की धड़कन बढ़ती है,
ये तेरी आँखों की तौहीन होगी,
कि मुझे नशे के लिए शराब कि ज़रुरत पड़ती है.

जी करता है तेरी गहरी आँखों में खो जाऊँ,
तेरी ज़ुल्फ़ों कि छाओँ में सो जाऊँ.
लेकिन जानेमन, सबसे प्यारी तो तेरी मुस्कान है,
जो सिर्फ तेरे ही नहीं, मेरे भी शरीर कि जान है.

दुआ यही है कि सदा ऐसे ही मुस्कुराती रहना,

और ज़िन्दगी भर मेरे खुशनुमा ख्यालों में आती रहना.

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